विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास लिया

2002 में इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 17 साल की उम्र में पदार्पण करने वाले पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है ।

सौरव गांगुली की कप्तानी में 17 वर्ष 153 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले पार्थिव ने 65 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिनमें 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 मैच शामिल है।

उन्होंने 1696 रन बनाए जिसमें टेस्ट क्रिकेट में 934 रन शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने चार अर्धशतक समेत 736 रन बनाए। इसके अलावा बतौर विकेटकीपर टेस्ट में 62 कैच लपके और 10 स्टम्पिंग की। उन्होंने 2002 में इंग्लैंड दौरे पर भेजा गया जब उन्होंने रणजी ट्राफी क्रिकेट में भी पदार्पण नहीं किया था।

वह घरेलू क्रिकेट में काफी कामयाब रहे और 194 प्रथम श्रेणी मैचों में 27 शतक समेत 11240 रन बनाए। उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के लिए खेला। पार्थिव की कप्तानी में गुजरात ने 2016-17 में रणजी खिताब जीता। वह भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के पहले कप्तान रहे जिनके साथ 2013 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेला।

रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए पार्थिव पटेल ने अपने टि्वटर पर पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली का शुक्रिया अदा किया जिनकी कप्तानी में पटेल ने डेब्यू किया था । मैं आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं भारी मन से अपने 18 साल के क्रिकेट के सफर का समापन कर रहा हूं । पार्थिव ने कहा मुझे सुकून है कि मैंने गरिमा, खेल भावना और आपसी सामंजस्य के साथ खेला । मैंने जितने सपने देखे थे उससे ज्यादा पूरे हुए मुझे उम्मीद है कि मुझे याद रखा जाएगा ।

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