- अजवाइन - 6 ग्राम अजवाइन 150 मिली पानी में उबालें और दिन में से 3 बार इसे पीजिए। इसी के साथ दिन में 2 बार अजवाइन चाय का सेवन भी कर सकते हैं। अजवाइन औषधीय गुणों का भंडार है। रसोईघर के साथ ही आयुर्वेद में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है।
- जीरा - जीरे का स्वाद गर्म होता है। और जीते का असर अजवाइन जैसा होता है। ज्यादातर गर्म चीजों का सेवन करने से पीरियड्स समय पर आते है। जीरा एक बेहतरीन एंटी - ऑक्सीडेंट है। इसमें फाइबर भी पाया जाता है।
- कच्चा पपीता - कच्चा पपीता खाने से पीरियड्स समय पर आते है। पपीते में कुछ ऐसे तत्व होते है, जो गर्भाशय के संकुचन का कारण बनते है। संकूचन के कारण पीरियड्स होते है। कच्चा पपीता का जूस बनाकर पीजिए। या आप ऐसे भी पपीता खा सकते है।
- अनार - नियमित समय के 15 दिनों पहले से दिन में से 3 बार अनार का जूस पीना शुरू कीजिए। इससे पीरियड्स समय पर आते है।
- तील - नियमित समय के 15 दिनों पहले से तील का इस्तमेला कीजिए। तील गर्म होते है, इसलिए तील का ज्यादा सेवन करनेसे आपके सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। तील के बीजों को दिन में से 2 या 3 बार शहद के साथ ले सकते है।
- स्ट्रीट फ्रूट्स - नींबू, संतरा, कीवी, आंवला जैसे फलों का ज्यादा सेवन कीजिए। इस फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होती है। इस फलों से प्रोजेस्टेरॉन लेवल स्टार बढ़ता है।

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