कभी न मरने दें हुनर को, कहना है सिंगर विशाल श्रीवास्तव का
एक्स फैक्टर से मेरे निकलने से मैं बेहद निस्र्त्साहित था, कहते हैं एक्स फैक्टर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सिंगर विशाल श्रीवास्तव। अपनी आँखों में सपने लिए दिल्ली के रहने वाले विशाल श्रीवास्तव को क्या पता था कि उनका गायिकी के प्रति रुझान व् जूनून उनको एक दिन बॉलीवुड सिंगर बना देगा। कहते है की अगर किसी के दिल में सच्चे मन से कुछ करने का जुनुन सवार हो तो वह कुछ भी कर सकता है। फिर चाहे व फुटपाथ पर सोने वाला आम आदमी, एक ढाबे में काम करने वाला एक लड़का और एक ऑटोरिक्शा चलाने वाला एक पति और पिता।
इन्ही परिस्थितियों में रहे सिंगर विशाल श्रीवास्तव का जन्म दिल्ली के आजादपुर में हुआ था। बचपन में ही माँ का देहांत हो जाने के बाद परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी की उन्हें मात्र 8-9 वर्ष की आयु में ही घर छोड़ना पड़ा और एक चाय के ढाबे पर काम करना शुरू किया जहाँ उनके खाने में १ ब्रेड और चाय मिला करती थी। जिस उम्र में बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, उस उम्र में विशाल को अपना पेट भर पाना मुश्किल था जिसके लिए वह लोगों के झूठन से तक अपना पेट भरते थे, कभी कभी स्थिति ऐसी बनती कि उन्हें भूखे पेट भी सोना पड़ता।
परिस्थितियों ने बेहद कोशिश की उन्हें बाँधने की किन्तु वह नहीं रुके। अपनी पत्नी को टीचर बनाने का ख्वाब लिए विशाल श्रीवास्तव ने बेहद परेशानियों से जूझते हुए बॉलीवुड में अपनी एक ख़ास पहचान बनाई।

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