कीमती धातुओं के बाजार में आज चांदी ने नया इतिहास बना दिया। मार्केट खुलते ही चांदी की कीमतों में ऐसी तेजी देखने को मिली, जिसने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। पहली बार चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई और दिन के दौरान अपने नए शिखर पर पहुंच गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर चांदी में 5 फीसदी से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई, जिसके बाद भाव 3,05,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर की कीमत 93 डॉलर प्रति औंस से ऊपर निकल गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है।
देशभर में चांदी के भाव आसमान पर
घरेलू सर्राफा बाजारों में भी चांदी के दाम तेज़ी से बढ़े हैं। चेन्नई, हैदराबाद और केरल जैसे दक्षिणी शहरों में चांदी 3.18 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है, जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में यह करीब 3.05 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है। 10 ग्राम चांदी के दाम कई शहरों में 3,000 रुपये से ऊपर निकल चुके हैं।
तेजी के पीछे घरेलू नहीं, वैश्विक कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी में आई इस ऐतिहासिक तेजी की वजह देश के अंदर की मांग नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच उभरते ट्रेड वॉर के संकेतों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों और उसके बाद कई यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस समेत कई देश अमेरिका के रुख के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका गहराती जा रही है।
अनिश्चितता में चमकी चांदी
अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ती तनातनी से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ऐसे हालात में निवेशक शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिमभरे विकल्पों से दूरी बनाकर सोना-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसी वजह से चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को फायदा, आम लोगों की चिंता
जहां एक ओर इस तेजी से निवेशकों को बड़ा मुनाफा होता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शादी-विवाह और औद्योगिक उपयोग के लिए चांदी खरीदना अब और महंगा हो गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि वैश्विक तनाव जल्द नहीं थमता, तो कीमती धातुओं की कीमतें और ऊंचे स्तर छू सकती हैं।
कुल मिलाकर, चांदी की यह रिकॉर्डतोड़ छलांग सिर्फ एक धातु की कहानी नहीं, बल्कि दुनिया भर में बदलते आर्थिक और राजनीतिक समीकरणों का आईना बनकर सामने आई है।






